एन डी टी वी पर एक दिवसीय पाबन्दी:: देश में अभिव्यक्ति की आज़ादी पर जकड़ते शिकंजे का एक और कदम

मोदी नीत सरकार जब से गद्दीनशीन हुई है तभी से देश के हालात बदलते नज़र आ रहे हैं. मीडिया और खास कर के इलेक्ट्रॉनिक (टी.वी) मीडिया पर जिस तरह से सरकार ने पकड़ बनाई है वह इस देश में पहले इस स्तर पर देखने को नहीं मिला था. कमोबेश सभी तथाकथित मुख्यधारा के चैनल हो या प्रिंट मीडिया आज एक खास तरह की लाइन का पालन करते नज़र आते हैं. पत्रकारिता के कुछ मापदंड या कहे आचारसंहिता होती हैं जिसमे अव्वल है तटस्थता, समाचार की सत्यवादिता, निष्पक्षता और पाठकों के प्रति सार्वजनिक जवाबदेही, किन्तु हमारे देश की पत्रकारिता इन सब मापदंडो के विपरीत एक ख़ास राजनीतिक लाइन और व्यक्ति केन्द्रित हो गयी है.

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