Stop the witch-hunt of activists! Condemn the arrests of Pinjra Tod members Devangana Kalita and Natasha Narwal!

Stop the witch-hunt of activists!
Condemn the arrests of Pinjra Tod members Devangana Kalita and Natasha Narwal!
Release all political prisoners!

May 25th 2020

On the evening of 23rd May 2020, the Delhi Police arrested Devangana Kalita and Natasha Narwal, activists of Pinjra Tod and students of Jawaharlal Nehru University. Charged under FIR 48/2020, both were initially interrogated by the police at their home.

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दिल्ली और कश्मीर में कार्यकर्त्ताओं एवं पत्रकारों की दुर्भावनापूर्ण खोज बन्द की जाये तथा कठोर कानून यूएपीए को रद्द किया जाये।

पिछले दो सप्ताहों के दौरान नई दिल्ली में दिल्ली पुलिस द्वारा अनेकों कार्यकर्ताओं और छात्रों को लक्षित एवं परेशान किया गया है। खुले फर्द बयानों के तहत काम करती पुलिस उन व्यक्तियों, जिनमें से कई कोविड-19 जनित अनियोजित लॉक डाउन के चलते भोजन एवं अन्य जरूरी आपूर्त्ति से मरूहम लोगों एवं मजदूरों को अपरिहार्य रिलीफ प्रदान करने में लगे हुए हैं, को फरवरी 2020 के अन्त में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा को भड़काने और उसमें शामिल होने के आरोप में फंसाने की कोशिश कर रही है। Continue reading “दिल्ली और कश्मीर में कार्यकर्त्ताओं एवं पत्रकारों की दुर्भावनापूर्ण खोज बन्द की जाये तथा कठोर कानून यूएपीए को रद्द किया जाये।”

नागरिक अधिकार कार्यकर्त्ताओं को जेल में भेजने का सुप्रीम कोर्ट का विवादास्पद फैसला (प्रेस रिलीज)

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने 16 मार्च, 2020 को नागरिक अधिकार कार्यकर्त्ता प्रो. आनन्द तेलतुम्बड़े और गौतम नवलखा के एण्टीसिपेटरी बेल पिटीशन को खारिज करते हुए 6 अप्रैल, 2020 को उन्हें पुलिस के समक्ष आत्मसर्पण करने का निर्देश दिया। इस फैसले के खिलाफ दायर किए गए रिव्यू पिटीशन की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 8 अप्रैल को की गई।

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