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A Marxist-Leninist web journal, based in India and aimed at analysing the contemporary world events from a Marxist-Leninist perspective.

नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amemndment Bill): भारत को हिन्दू राष्ट्र और दो राष्ट्र सिद्धांत को वैध बनाने की दिशा में एक और कदम

नागरिकता संशोधन विधेयक को कैबिनेट ने मंज़ूरी दे दी और संसद में यह पास भी हो जायेगा।

इस विधेयक के कानून बन जाने के बाद भारत की नागरिकता का मुख्य आधार व्यक्ति का धर्म होगा ना की उसकी कोई और बात। यह बिल भाजपा – आरएसएस की लाइन के मुताबिक बनाया गया है, जिन्हें भारत को एक हिन्दू राष्ट्र के तौर पर पेश करना है। Continue reading

झारखण्ड चुनाव और जनता

–दामोदर


राज्य की आम जनता के लिए विकास विनाश का रूप ले चुका है। राज्य में भूख से पिछले 3 सालों में 23 लोगों के मरने की खबर आई है, असल में यह संख्या कहीं अधिक होगी। कुपोषण के मामले में भी राज्य अव्वल है, पांच वर्ष से कम उम्र के आधे से अधिक बच्चे कुपोषित हैं और इनमें से 12 प्रतिशत गंभीर रूप से कुपोषित हैं। परिणामस्वरूप तीन वर्ष से कम उम्र के लगभग आधे बच्चे ठिगनेपन से ग्रसित हैं।

झारखण्ड में सिर्फ 81 सीटें हैं लेकिन राज्य मे चुनाव की अवधि करीब करीब 1 महीने की है। चुनाव नीरस और उक्ता देनेवाला साबित हो रहा है।

राज्य में वैसे पार्टियों की कमी नहीं है, और करीब करीब सभी दलों ने अपने उम्मेदवार मैदान में उतारे हैं।

कांग्रेस महाराष्ट्र को दोहराने की उम्मीद में है, तो वहीं भाजपा अपनी पूरी ताकत इस राज्य में झोंक चुकी है। Continue reading

संयुक्त मोर्चा : ज्यॉर्जी दिमित्रोव

यह पुस्तक ज्यॉर्जी दिमित्रोव द्वारा संयुक्त मोर्चा की कार्यनीति पर उनके तीन लेखों का संग्रह है, इन तीन लेखों मे कामरेड दिमित्रोव ने कार्यनीति पर महत्वपूर्ण विचार रखे जिनकी प्रासंगिकता आज के दौर में और भी ज्यादा हो गयी है

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Over Production Under Consumption and the Government’s Prescription

After grabbing the bigger chunk from RBI, government has now directed the PSUs to loosen their pockets, and shelve out money for Capital Expenditure (Capex). What, does this mean? It is a jargon that amounts to ordering the few profit making PSUs to give money to corporates. When this amount would be invested into capex, it would translate to the corporates getting more work and ultimately getting sop indirectly from the government. Continue reading